विनाशकारी तूफान की चपेट में आने से राजस्थान और उत्तरप्रदेश में 98 लोगों के मारे जाने की अधिकारिक पुष्टि की गई है। हालांकि कुछ घायलों की स्थिति नाजुक होने के कारण यह संख्या और भी बढ़ भी सकती है। यूपी में अंधड़ से 64 और राजस्थान में 34 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की गई है। पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर संवेदना प्रकट की है और कहा कि राज्यों को इस संकट से निपटने के लिए मदद की पेशकश की है।
images-2सीएम वसुंधरा राजे ने अलवर में गुलाबचंद कटारिया, धौलपुर में अरुण चतुर्वेदी, भरतपुर में कालीचरण सर्राफ़ और झुंझुनू में सुरेन्द्रपाल सिंह को हालात पर नज़र रखने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने शासन सचिवालय में अधिकारियों की बैठक लेने के बाद बताया कि सर्वाधिक 16 मौत भरतपुर जिले में हुई है। जबकि धौलपुर में 10 और अलवर में पांच जने मारे गए हैं। कटियार ने बताया कि राजस्थान में पहली बार आंधी-तूफान और बिजली गिरने को प्राकृतिक आपदा घोषित करते हुए तीनों जिलों को ढाई करोड़ की तत्काल सहायता जारी की गई है। वहीं मरने वाले 34 लोगों को आपदा राहत कोष से 4-4 लाख की सहायता मंजूर की गई है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में हनुमानगढ़, जैसलमेर, जालोर, चुरू, जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर, भीलवाड़ा और बूंदी में तेज हवा का अंधड़ आने और बारिश की संभावना जताई गई है।
वहीं उत्तरप्रदेश में 64 लोगों की मौत होने की पुष्टि हुई है। सबसे बुरा हाल आगरा का है। जहां 43 लोगों की मौत हो गई है और 35 लोग घायल हुए हैं। आगरा में 43 लोगों की मौत हुई है और इसके अलावा 150 पशु भी मारे गए हैं। 35 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। यूपी के दूसरे इलाक़ों में भी तबाही का मंज़र है। बिजनौर में 3, बरेली में 1, पीलीभीत 1, कानपुर देहात में 3, सहारनपुर में 2, बरेली, चित्रकूट, रायबरेली और उन्नाव में एक-एक लोगों की मौत हुई है। सीएम योगी ने कहा कि राहत कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यूपी के राहत आयुक्त संजय कुमार ने बताया कि उन्होंने सभी प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों को इस प्राकृतिक आपदा की वजह से हुए नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट भेजने और प्रभावित लोगों को 24 घंटे के अंदर राहत वितरित करने के निर्देश दिये हैं। सभी मृतकों को के परिजनों को चार लाख मुआवजा देने का ऐलान किया गया है।
उत्तराखंड के चमोली में बुधवार शाम बादल फटने से भारी तबाही की ख़बर है। नारायणबगड़ में कई दुकानें मलबे से पट गईं। तीन गाड़ियों के मलबे में दबने की भी ख़बर है। पीने के पानी की पाइपलाइन को भी नुकसान पहुंचा है। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में भी बुधवार को जोरदार बारिश हुई। इतने काले बादल छाए कि दिन में अंधेरा हो गया। कई इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई, जिससे सेब के बगीचों को नुकसान पहुंचा है।

By- Vinod Kumar

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