सिद्धार्थनगर/पकड़ी बाजार । दरोगा और सिपाही से मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद से पकड़ी बाजार में लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है। शुक्रवार को लोगों के जाम लगाने की तैयारी की सूचना के बाद यह इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। इन सबके बीच, गांव में जगह-जगह तोड़फोड़ के निशान देखने को मिले। गांव वालों का कहना है कि यह पुलिस की करतूत है, लेकिन जिले के एसपी इन आरोपों को गलत बता रहे हैं। गांव वाले पुलिस पर बृहस्पतिवार की रात लोगों की पिटाई करने का भी आरोप लगा रहे हैं।
पकड़ी बाजार गांव में लोगों से मिलने जाते शोहरतगढ़ विधायक ।
देर रात पुलिस की ओर से हुई कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार सुबह लोगों ने जाम लगाने की कोशिश की। पुलिस को जैसे ही इस बात की भनक लगी वह हरकत में आ गई। आनन-फानन में पकड़ी बाजार में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया गया। पुलिस के जवानों ने इलाके में गश्त भी किया, जिससे कि हालात को काबू में रखा जा सके। उधर, तनाव की जानकारी मिलते ही शोहरतगढ़ के विधायक चौधरी अमर सिंह सुबह नौ बजे मौके पर पहुंचे और लोगों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। दोपहर बाद एडीएम न्यायिक भी घटना स्थल पर पहुंचे और मामले की छानबीन की। गांव में पुलिस की कार्रवाई को लेकर आक्रोश है।
क्या है मामला
– 2 फरवरी की शाम गश्त के दौरान मारपीट की सूचना पर पहुंचे शोहरतगढ़ थाने के एसआई और सिपाही से गांव के लोगों का विवाद हुआ था। इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिस वालों के साथ अभद्रता और मारपीट की। गुरुवार को इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद महकमे में खलबली मच गई। रात करीब साढ़े दस बजे आनन-फानन में कई थानों की फोर्स पकड़ी बाजार पहुंची और मामले की जांच व कार्रवाई की।
लोगों ने सुनाई तोड़फोड़ की कहानी
व्यापारी सीताराम, पारस, भोला जायसवाल, सुंदर, वंशीधर, मनोज जायसवाल ने बताया कि पुलिस ने गुरुवार की रात उनके दुकान में रखे सामान तोड़ डाले। गांव के कैलाश यादव व मनीष ने बताया कि पुलिस ने घर के बाहर खड़ी उनकी मोटरसाइकिल को क्षतिग्रस्त कर दिया। उन्होंने बताया कि नामजद आरोपियों के न मिलने पर पुलिस वाले अन्य लोगों को अपने साथ ले गए। जैसे-तैसे दहशत में रात बीतने के बाद शुक्रवार सुबह ग्रामीण उग्र हो गए।
दर्ज किए गए गांव वालों के बयान
– दोपहर में एडीएम न्यायिक गुरु प्रसाद गुप्ता, एसडीएम सत्य प्रकाश सिंह गांव पहुंचे और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। गांव के लोगों ने एक स्वर में पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। अफसरों के जाने के घंटों बाद भी फोर्स गांव में तैनात रही। सीओ डुमरियागंज सुनील सिंह, सीओ पुलिस लाइन शिव सिंह, सीओ शोहरतगढ़ नईम खान मंसूरी, एसओ सदर शमशेर बहादुर सिंह, चिल्हिया एसओ ब्रह्मानंद गौड़, खुनुवा चौकी इंचार्ज महेश सिंह, एसआई ललित मोहन राव, कांस्टेबल तारकनाथ आदि भी गांव में मौजूद रहे।
किसी निर्दोष को प्रताड़ित नहीं किया गया : एसपी
एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने गांव में तोड़फोड़ से साफ शब्दों में इनकार किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस वालों ने किसी भी ग्रामीण के साथ मारपीट नहीं की। एसपी के अनुसार पुलिस की ओर से किसी भी निर्दोष को प्रताड़ित नहीं किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। हालात पर पुलिस प्रशासन नजर बनाए हुए है।
पुलिस ने अपना गुस्सा उतारा : विधायक
– विधायक चौधरी अमर सिंह ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि पकड़ी बाजार में गुरुवार की रात पुलिस ने जमकर तांडव मचाया। उन्होंने कहा कि जब पुलिस ही भक्षक बन जाएगी तो आम लोगों की सुरक्षा कौन करेगा। उन्होंने कहा कि उपद्रवी तत्वों की गिरफ्तारी के नाम पर पुलिस ने निर्दोष लोगों पर अपना गुस्सा उतारा है। वे इस मामले को लेकर डीएम और एसपी से बात कर चुके हैं और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए वे मामले को और ऊपर तक ले जाएंगे।
पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए दी थी दबिश : एसओ
एसओ अरविंद कुमार मिश्र ने बताया कि गुरुवार की रात पुलिस टीम ने पकड़ी बाजार में उपद्रवी तत्वों की गिरफ्तारी को लेकर दबिश दी थी। इस दौरान गांव के प्रदीप, दयादास, शिवशंकर, चकबंदी को पूछताछ के लिए थाने जाया गया था। पूछताछ के बाद निर्दोष लोगों को छोड़ दिया गया। पुलिस पर लगाया जा रहा आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है।

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