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बिलासपुर (छत्तीसगढ़) साहब! मेरी बचपन में शादी हुई थी, अभी मैं नाबालिग हूं, लेकिन मुझे जबरदस्ती ससुराल के लोग ले जाने के लिए आए हैं और न भेजने पर दो लाख रुपये जुर्माना वसूलने की धमकी दे रहे है।

प्लीज…मुझे बचा लो। एक किशोरी ने डायल 100 को फोन करके अपनी पीड़ा सुनाई और मदद मांगी। किशोरी की पीड़ा अधिकारियों तक पहुंची और उसका जीवन बर्बाद होने से बच गया। पुलिस उसके कथित पति को थाने ले गई, जहां बाद में दोनों पक्षों में सुलह हो गई।

मामला मवई ब्लॉक के रतनपुर गांव का है। यहां रहने वाली 14 साल की किशोरी रश्मि पुत्री बुधराम का पांच साल पहले 9 साल की उम्र में समगड़ा हंसराजपुर गांव के अजय कुमार के साथ विवाह हुआ था।

किशोरी ने बताया कि अब गुरुवार को ससुराली लोग जबरन उसे विदा कराने आए थे। उसने इसका विरोध किया लेकिन घरवाले नहीं माने। तब उसने शुक्रवार सुबह डायल 100 का नंबर मिलाया और अपनी पीड़ा बताई।

जब वायरलेस पर यह गूंज सुनाई पड़ी तो जिला प्रशासन हरकत में आया। पुलिस पहुंची और तथाकथित पति को पकड़ कर थाने ले आई। किशोरी की मां मुन्नी देवी ने बताया कि उसके पति लखनऊ में रिक्शा चलाते है।

बेटी की शादी पांच साल पहले गरीबी की हालत में की थी। अभी लड़की की उम्र 14 साल है और वह हाईस्कूल में पढ़ रही है। वो ससुराल जाना नहीं चाहती है।

इस बात को जब शादी करवाने वाले अगुआ को बताया तो वे लोग कहने लगे कि शादी में खर्च हुए दो लाख रुपये जुर्माना देना पड़ेगा। उनका कहना है कि वो गरीब हैं, और दो लाख रुपये कहां से वापस करेंगे। इसलिए जबरन लड़की को उसके ससुराल भेज रहे थे।

मवई थानाध्यक्ष मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने पर दोनों पक्षों को थाने पर बुलाया गया था। पुलिस ने दोनों पक्षों में सुलह कराकर बालिका को मां के हवाले कर दिया और अब दोनों तलाक के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल करने की बात कह रहे है।

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