
छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत गांगीवाड़ा में भारी वित्तीय अनियमितताओं (Financial Irregularities) का मामला सामने आया है। पंचायत सरपंच संगीता परतेती (Sangeeta Parteti) और सचिव नीता उइके (Neeta Uike) पर पंचायत निधियों के दुरुपयोग और गबन के आरोप लगे हैं। जनपद पंचायत परासिया के सीईओ द्वारा जांच के निर्देश दिए जाने के बाद गठित चार सदस्यीय जांच समिति ने दस्तावेजों की पड़ताल की, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए।
बताया जा रहा है कि पंचायत में वित्तीय अभिलेखों का विधिवत संधारण नहीं किया गया। ग्राम सभा की बैठकों में आय-व्यय संबंधी अनुमोदन नहीं लिया गया। वहीं, नल-जल योजना के रखरखाव में भी नियमों को दरकिनार कर भुगतान किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि सरपंच द्वारा नामावली सील प्रमाणकों और बिल-वाउचर में अलग-अलग हस्ताक्षर किए गए हैं।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में पंचायत बैठकों के नाम पर माधव स्वीट्स, छिंदवाड़ा से मिठाई और नाश्ता खरीदने के नाम पर पूरे 1,78,470 रुपए खर्च कर दिए गए। इन बैठकों की नियमितता और बिलों की प्रामाणिकता पर समिति ने गंभीर सवाल उठाए हैं।
पंचायत के कुछ पंचों ने सरपंच और सचिव के खिलाफ लिखित शिकायत भी की है। इसमें आरोप लगाया गया है कि दोनों ने नियमों को दरकिनार कर लगभग 45 लाख रुपए की सरकारी राशि का दुरुपयोग किया है। बिना बिल-वाउचर के सामग्रियों की खरीद की गई और कई भुगतान बिना अनुमोदन के कर दिए गए। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत ने जांच के आदेश जारी किए थे।
इसके बाद जनपद स्तर पर गठित चार सदस्यीय टीम ने पंचायत पहुंचकर सभी अभिलेखों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान प्राथमिक तौर पर आरोप सही पाए गए। इसी आधार पर सरपंच और सचिव दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और पांच दिन में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। दोनों के खिलाफ धारा 92 के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
