
gwalior. इस वक्त भारत में उत्तम क्वालिटी का गोल्ड 22 कैरेट का सोना माना जाता था, जो कि काफी महंगा है। यह अमीर का विकल्प बनकर ही गया था। ऐसे में अब अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद (GJC) ने 9 कैरेट वाले सोने को भी मान्यता दे दी है। इससे लोगों को सोना खरीदने में आसानी होगी।
अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद के अध्यक्ष राजेश रोकड़े ने एएनआई से बातचीत में बताया कि सोने की बढ़ती कीमतों के कारण अब यह केवल अमीर वर्ग के लिए एक विकल्प बन कर रह गया था। वहीं, जो 9 कैरेट वाला गोल्ड है वह सस्ता, टिकाऊ और स्टाइलिश तीनों है। जेन-जी में भी रोज गोल्ड और व्हाइट गोल्ड के आभूषणों की डिमांड ज्यादा है, इसलिए 9 कैरेट को मान्य करना सही फैसला है। 9 कैरेट गोल्ड में कुछ अन्य धातुओं का भी इस्तेमाल किया जाता है, जिस वजह से उन ज्वेलरी का रंग कभी फीका नहीं पड़ता है। इसमें स्टाइलिश से लेकर ट्रेडिशनल, सभी प्रकार के गहनों के डिजाइन मिल जाते हैं।
निम्नलिखित कैरेट के सोने उपलब्ध हैं, जिन्हें लोग खरीद रहे हैं:-
- 24 कैरेट गोल्ड जिसकी शुद्धता 99.9 है और जिसे लोग सिक्के या निवेश के रूप में खरीदते हैं।
- 22 कैरेट का गोल्ड 91.6% शुद्ध होता है और इसका इस्तेमाल लोग गहने बनाने के लिए करते हैं।
- 18 कैरेट गोल्ड 75% तक प्योर होता है। इस गोल्ड से मॉडर्न ज्वेलरी बनाई जाती है और यह रोज गोल्ड ऑर्नामेंट्स के लिए भी सोने का विकल्प होता है।
- 14 कैरेट का सोना 58.5% शुद्ध है, हल्के गहनों के लिए इसका इस्तेमाल होता है।
- 10 कैरेट का सोना 41.7% शुद्ध होता है। इसका प्रयोग फैशनेबल ज्वेलरी के लिए किया जाचा है।
- 9 कैरेट गोल्ड 37.5% शुद्ध है और लोगों के लिए किफायती विकल्प होता है।
ग्राहकों में किस कैरेट गोल्ड की डिमांड ज्यादा?
हालांकि, सामान्य गहनों के लिए बाजार में 22 कैरेट का इस्तेमाल होता है। वहीं, 24 कैरेट गोल्ड के गहनों के लिए पहले इसके सिक्के या बिस्किट खरीदे जाते हैं और फिर उनसे गहनें बनवाए जाते हैं। ये अमीर ग्राहकों के लिए विकल्प बनता है। मिडिल क्लास और युवा वर्गों के लिए 18K, 14K और अब 9K गोल्ड की डिमांड काफी बढ़ गई है। दरअसल, इस कैरेट के सोने की मदद से डिजाइनर और ट्रेंडी ज्वेलरी को किफायती दामों में खरीदा जा सकता है।
