
desk. यह धारणा होती है कि इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) केवल उन्हीं को भरना चाहिए जिनकी कमाई टैक्सेबल स्लैब में आती है. लेकिन सच्चाई यह है कि बिना आमदनी वाले लोग, जैसे हाउसवाइफ, छात्र या बेरोजगार व्यक्ति भी रिटर्न फाइल कर सकते हैं. इसे जीरो रिटर्न या निल रिटर्न कहा जाता है.
जीरो रिटर्न क्या है?
जब किसी वित्त वर्ष में करदाता की कोई आय नहीं होती और फिर भी वह ITR भरता है, तो इसे जीरो रिटर्न कहा जाता है. कानून के अनुसार यह अनिवार्य नहीं है, लेकिन इसे करने से कई अप्रत्यक्ष लाभ मिलते हैं. CBDT ने ITR 2025 फाइल करने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 15 सितंबर 2025 कर दी है, यानी इस सुविधा का लाभ लेने के लिए समय अभी भी है.
बैंक लोन की प्रक्रिया होती है आसान
नियमित ITR फाइल करने वालों को बैंक लोन स्वीकृत करने में आसानी होती है. चाहे आप जीरो रिटर्न ही क्यों न भरें, बैंक अक्सर पिछले 3 साल का ITR प्रूफ मांगते हैं. हाउसवाइफ के लिए यह खास फायदा है, क्योंकि इससे वह पति के साथ जॉइंट लोन लेने की पात्र हो जाती हैं.
TDS रिफंड पाने का मौका
अगर हाउसवाइफ के नाम पर बैंक डिपॉजिट या फिक्स्ड डिपॉजिट है और उस पर TDS कट रहा है, तो उसका रिफंड पाने के लिए ITR भरना जरूरी है. बिना रिटर्न फाइल किए यह पैसा वापस पाना संभव नहीं है.
वीजा और क्रेडिट कार्ड के लिए जरूरी दस्तावेज
इनकम टैक्स रिटर्न आपके लिए एक वैध इनकम प्रूफ का काम करता है. क्रेडिट कार्ड आवेदन या विदेश यात्रा के लिए वीजा अप्लाई करते समय यह दस्तावेज प्रक्रिया को सरल बनाता है.
भले ही आपकी कमाई शून्य हो, लेकिन ITR फाइल करने से न केवल भविष्य के वित्तीय अवसर बढ़ते हैं, बल्कि कई बार अप्रत्याशित परिस्थितियों में यह एक मजबूत सहारा भी बन जाता है.
