घर पर शराब बनाओ… वेबसाइट पर बिक रही मशीनें

ऑनलाइन (Online) शॉपिंग वेबसाइट (Shopping Website) पर देश के कई शहरों में शराब (liquor) की बिक्री की जा रही है, लेकिन मध्यप्रदेश (MP) में यह प्रतिबंध है। इससे एक कदम आगे अब घर पर ही बीयर और शराब बनाने की मशीन ऑनलाइन बिकने लगी है। एमेजॉन जैसी वेबसाइट पर इसे आसानी से खरीदा जा सकता है, लेकिन प्रदेश में घर पर शराब बनाना भी प्रतिबंधित है, जिसके कारण इस तरह की मशीनें नहीं बेची जा सकती हैं। इसकी जानकारी मिलने पर आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त ने आबकारी आयुक्त से शिकायत करते हुए इस पर रोक लगवाने की मांग की है।

मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के अंतर्गत सिर्फ आदिवासी जाति के लोग अपनी संस्कृति के अनुसार स्वयं के उपयोग के लिए घर पर महुए की शराब बना सकते हैं। इसके अलावा अन्य किसी भी व्यक्ति को प्रदेश में स्वयं या व्यावसायिक उपयोग के लिए शराब बनाना प्रतिबंधित है। दूसरी ओर एमेजॉन.इन सहित कई अन्य प्रमुख ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट्स पर घर पर बियर, शराब व वाइन बनाने की मशीन बेची जा रही है, जिसमें मशीन के साथ ही बीयर बनाने के लिए जरूरी सभी सामग्री भी दी जा रही है, जिससे कोई भी आसानी से घर पर ही बियर बना सकता है। इसी तरह इस मशीन के उपयोग के लिए ट्यूटोरियल वीडियो भी उपलब्ध हैं। साथ ही इसके लगातार उपयोग के लिए अलग से सामग्री भी आसानी से ऑनलाइन ही खरीदी जा सकती है।

सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर कर रहे प्रचार
इन मशीनों की ऑनलाइन बिक्री कर रही कंपनियां इन्हें लोगों तक लोकप्रिय बनाने के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स का भी इस्तेमाल कर रही हैं, जो बड़े ही शान से इन मशीनों का उपयोग करते हुए घर पर ही बियर या शराब व वाइन बनाने की तकनीक और इसके फायदे बता रहे हैं। साथ ही कह रहे हैं कि इस तरह बनाई गई बियर या शराब सिर्फ खुद के उपयोग के लिए बनाई जा सकती है, बेचने के लिए नहीं, जबकि खुद के उपयोग के लिए भी शराब बनाना प्रदेश में प्रतिबंधित है।

8 से 28 हजार तक में मिल रही मशीनें
अग्निबाण ने जब मामले की पड़ताल की तो एमेजॉन सहित कई अन्य वेबसाइट्स पर बियर, वाइन व अन्य शराब बनाने वाली मशीनें 8 से 28 हजार तक की कीमत पर आसानी से उपलब्ध हैं। ऑनलाइन ऑर्डर करने पर 4 से 5 दिनों में कंपनी आपके घर इन मशीनों की डिलीवरी भी कर रही है। साथ ही ऑनलाइन इनके उपयोग की पूरी जानकारी भी दे रही है।

प्रदेश में नहीं बेची जा सकती ऐसी मशीनें
मध्यप्रदेश में सिर्फ आदिवासी जाति को स्वयं के उपयोग के लिए महुआ जैसी पारंपरिक शराब बनाने की अनुमति है। उसके लिए भी सीमा तय है। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति घर या कहीं भी बिना अनुमति शराब का निर्माण नहीं कर सकता है, चाहे वो स्वयं के लिए हो या बेचने के लिए। ऐसा पाए जाने पर आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। इसके लिए जेल भी जाना पड़ सकता है। मशीनों की ऑनलाइन बिक्री को लेकर आबकारी आयुक्त से शिकायत की गई है। विभाग जल्द ही इस पर रोक लगाने की व्यवस्था करेगा।
– अभिषेक तिवारी,
सहायक आबकारी आयुक्त, इंदौर

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