13 साल बाद शनि जयंती, शनि अमावस्या एवं वट सावित्री व्रत एक साथ शनिवार को

ग्वालियर
ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष अमावस्या के दिन वट सावित्री व्रत, देव पितृ अमावस्या, शनि जयंती महोत्सव के साथ संत ज्ञानेश्वर जयंती मनाई जाती है। इस वर्ष विशेष बात यह है कि शनि जयंती महोत्सव शनि अमावस्या के दिन 16 मई को मनाया जाएगा। ऐसा योग 13 साल बाद घटित हो रहा है। ऐंती ग्राम स्थित प्राचीन शनि मंदिर पर इस दिन मेला लगेगा। यहां देशभर से 4 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। भगवान शनिदेव का अभिषेक करने के लिए 600 क्विंटल सरसों के तेल की व्यवस्था की गई है। शहर के प्रमुख शनि मंदिरों में पूजा अनुष्ठान के आयोजन किए जाएंगे। ज्योतिषाचार्य के अनुसार इस वर्ष अधिक ज्येष्ठ मास का योग घटित हो रहा है। शनि जयंती महोत्सव प्रथम ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष को मनाई जाएगी। अमावस्या तिथि का प्रारंभ शनिवार 16 मई को सूर्योदय से पूर्व 5:12 बजे से हो रहा है और यह तिथि पूरे दिन मान को भोगते हुए रात्रि 1:31 बजे तक रहेगी। इसलिए इसी दिन देव पितृ शनि अमावस्या, श्री शनि जयंती, वट सावित्री व्रत मनाया जाएगा।
इस बार शनि जयंती,शनि अमावस्या 13 वर्षों बाद शनिवार के दिन पड़ रही है इससे पहले सन 2013 में शनिवार के दिन थी। इस बार शनिवार साथ वट सावित्री व्रत होने से इस का महत्व बढ़ जाता है। इस समय शनि मीन राशि में गोचर पर होने से कुंभ राशि, मीन राशि और मेष राशियों पर शनि साढ़े साती चल रही है और सिंह राशि, धनु राशि वालों को शनि की ढैया लगी हुई है। वट सावित्री व्रत के इस दिन महिलाएं इसे खास दिन तिथि मानती है। उनके द्वारा इस दिन व्रत रखकर सत्यवान सावित्री तथा यमराज की पूजा की जाती है। वे अपने सुहाग की उम्र बढ़ाने के लिए व्रत करती हैं।

शहर में इन स्थानों पर हैं‎ शनिदेव मंदिर‎

बहोड़ापुर स्थित नवग्रह मंदिर में ‎शनिदेव की प्रतिमा स्थापित हैं।‎ जीवाजीगंज कटीघाटी पर शनिदेव का ‎मंदिर स्थापित है।‎ दालबाजार स्थित प्राचीन मंदिर‎ मेहंदी वाली गली जनकगंज में शनिदेव‎ मंदिर।‎ तारागंज में दो मंदिर हैं। इनमें एक‎तारागंज पुल पर और दूसरा ढोली बुआ‎ और तारागंज पुल के बीच में है।‎ थाटीपुर में द्वारकाधीश मंदिर में ‎शनिदेव की प्रतिमा स्थापित है।‎ सेवा नगर के न्यू तुलसी विहार में भी ‎शनिदेव का मंदिर है। कैंसर पहाड़िया स्थित शनि मंदिर। डबरा स्थित नवग्रह मंदिर में भी 108 वैदिक ब्राह्मणों द्वारा अनुष्ठान किया जाएगा।

शनि की कृपा के लिए ये उपाय‎: शनि देव की कृपा पाने के लिए शनिदेव‎को सरसों के तेल का दीपक लगाएं।‎पूजा में नीले पुष्प अर्पित करें। ओम शं‎शनिश्चराय नम: मंत्र का जाप करें।‎ इनका करें दान: शनिदेव की कृपा के‎लिए काले तिल, काले वस्त्र, उड़द,‎जरूरतमंदों को काला छाता, लोहे की ‎वस्तुओं का दान करें।

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