
desk. सावन के महीने में घेवर का स्वाद लेने का मजा ही कुछ और है। यह पारंपरिक राजस्थानी मिठाई अपनी कुरकुरी बनावट और मीठे स्वाद के लिए प्रसिद्ध है। अगर आप घर पर ही हलवाई जैसा जालीदार घेवर बनाना चाहते हैं, तो यह विस्तृत विधि आपके लिए है। थोड़ी सी सावधानी और सही विधि से आप भी घर पर यह स्वादिष्ट मिठाई तैयार कर सकते हैं।
घोल के लिए:
- मैदा: 250 ग्राम (लगभग 2 कप)
- घी: 50 ग्राम (लगभग 1/4 कप) + तलने के लिए
- दूध: 50 ग्राम (लगभग 1/4 कप)
- ठंडा पानी/बर्फ का पानी: लगभग 800 मिलीलीटर (4 कप या आवश्यकतानुसार)
- बर्फ के टुकड़े: 3-4 (घी को फेंटने के लिए)
चाशनी के लिए:
- चीनी: 400 ग्राम (लगभग 2 कप)
- पानी: 200 मिलीलीटर (लगभग 1 कप)
- इलायची पाउडर: 1/2 चम्मच (वैकल्पिक)
- केसर के धागे: चुटकी भर (वैकल्पिक)
सजाने के लिए (वैकल्पिक):
- रबड़ी (बनाने की विधि नीचे दी गई है)
- कटे हुए बादाम, पिस्ता
- चांदी का वर्क
- गुलाब की पंखुड़ियां
घेवर बनाने की विधि:
स्टेप 1: घी को क्रीमी बनाना
- एक बड़े बर्तन में 50 ग्राम (1/4 कप) ठंडा घी लें।
- इसमें 3-4 बर्फ के टुकड़े डालें और घी को हाथ या व्हिस्क की मदद से तब तक फेंटें जब तक यह बिल्कुल सफेद, हल्का और मक्खन जैसा क्रीमी न हो जाए। यह प्रक्रिया घेवर में अच्छी जाली बनाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
स्टेप 2: घेवर का घोल बनाना
- अब घी वाले मिश्रण में धीरे-धीरे मैदा डालना शुरू करें। एक साथ पूरी मैदा न डालें।
- साथ ही, इसमें थोड़ा-थोड़ा दूध और बर्फ का ठंडा पानी मिलाते जाएं और मिश्रण को लगातार चलाते रहें ताकि कोई गांठ न पड़े।
- घोल को इतना पतला रखें कि जब आप इसे चम्मच से उठाएं, तो यह एक पतली धार में आसानी से गिरे। घोल की कंसिस्टेंसी बहुत महत्वपूर्ण है। यह न तो बहुत गाढ़ा होना चाहिए और न ही बहुत पतला। यदि घोल थोड़ा गाढ़ा लगे तो इसमें और ठंडा पानी मिला सकते हैं।
स्टेप 3: घेवर तलना
- एक भारी तले वाली गहरी कढ़ाई या पतीला लें। इसे आधे से थोड़ा कम घी या तेल से भर दें (लगभग 5-6 इंच गहरा)।
- घी/तेल को बहुत तेज आंच पर गरम करें। घी इतना गरम होना चाहिए कि जब आप उसमें थोड़ा सा घोल डालें, तो वह तुरंत ऊपर आए और झाग बने।
- अब घेवर का घोल एक पतली धार में, लगभग 10-12 इंच की ऊंचाई से, सीधे गरम घी के बीचों-बीच डालें। ध्यान रहे कि घोल बीच में ही गिरे।
- जैसे ही घोल घी में गिरेगा, उसमें तेजी से झाग उठेंगे। जब झाग थोड़े कम हो जाएं (लगभग 15-20 सेकंड), तो फिर से उसी जगह पर थोड़ी सी पतली धार में घोल डालें।
- इस प्रक्रिया को लगभग 10-15 बार दोहराएं, जब तक आपको अपने घेवर की मनचाही मोटाई न मिल जाए। हर बार घोल डालने के बाद झाग के कम होने का इंतज़ार करें।
- जब घेवर लगभग तैयार हो जाए और किनारों से सुनहरा दिखने लगे, तो बीच में एक छेद बनाएं (अगर अपने आप न बना हो तो)। आप किसी नुकीली चीज़ जैसे लकड़ी की स्टिक या चाकू की मदद से बीच में छेद कर सकते हैं।
- घेवर को सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें। तलते समय आंच को मध्यम-तेज रखें।
- जब घेवर अच्छी तरह तल जाए, तो उसे सावधानी से घी से बाहर निकालें और एक छलनी या जाली पर खड़ा करके रखें ताकि अतिरिक्त घी निकल जाए।
स्टेप 4: चाशनी बनाना
- एक सॉसपैन में चीनी और पानी मिलाकर मध्यम आंच पर गरम करें।
- चीनी घुलने तक इसे चलाते रहें।
- मिश्रण में उबाल आने दें और 5-7 मिनट तक पकाएं, जब तक कि एक तार की चाशनी न बन जाए। चाशनी ज्यादा गाढ़ी नहीं होनी चाहिए, वरना घेवर चीनी को ठीक से सोख नहीं पाएगा।
- चाशनी में इलायची पाउडर और केसर के धागे (यदि उपयोग कर रहे हैं) मिलाएं।
स्टेप 5: घेवर को चाशनी में डुबोना
- घेवर को चाशनी में डुबोने से पहले, सुनिश्चित करें कि चाशनी हल्की गर्म हो (बहुत ज्यादा गर्म या ठंडी नहीं)।
- हर घेवर को एक-एक करके गर्म चाशनी में डुबोएं और तुरंत निकाल लें। चाशनी में ज्यादा देर न रखें वरना घेवर नरम हो जाएगा।
- घेवर को फिर से एक जाली या छलनी पर रखें ताकि अतिरिक्त चाशनी निकल जाए।
स्टेप 6: रबड़ी बनाना (वैकल्पिक)
- एक गहरे पैन में 1 लीटर फुल क्रीम दूध लें और उसे धीमी आंच पर उबलने दें।
- दूध को लगातार चलाते रहें ताकि वह तले पर न चिपके।
- जब दूध उबलकर आधा रह जाए और गाढ़ा होने लगे, तो इसमें 2-3 चम्मच चीनी (स्वादानुसार) और थोड़ा सा इलायची पाउडर मिलाएं।
- रबड़ी को इतना गाढ़ा करें कि वह चम्मच से आसानी से उठ जाए। इसे पूरी तरह ठंडा होने दें।
स्टेप 7: घेवर को सजाना और परोसना
- घेवर जब हल्का ठंडा हो जाए और चाशनी अच्छी तरह सोख ले, तो उसे एक सर्विंग प्लेट पर रखें।
- यदि आप मलाई घेवर बना रहे हैं, तो इसके ऊपर तैयार और ठंडी रबड़ी की एक मोटी परत लगाएं।
- कटे हुए बादाम, पिस्ता और चांदी के वर्क से सजाएं। आप चाहें तो गुलाब की पंखुड़ियां भी डाल सकते हैं।
- स्वादिष्ट और जालीदार घेवर परोसने के लिए तैयार है!
