
नौतपा की शुरुआत के साथ ही सूरज ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। ग्वालियर समेत पूरा मध्यप्रदेश भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। सुबह से ही तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है, जबकि दोपहर होते-होते सड़कों पर सन्नाटा छा रहा है। मौसम विभाग ने ग्वालियर-चंबल सहित प्रदेश के कई जिलों में अगले चार दिनों तक हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। वहीं देश के कई राज्यों में तापमान लगातार बढ़ने से हालात गंभीर होते जा रहे हैं।
ग्वालियर में रविवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। सुबह 9 बजे के बाद ही गर्म हवाओं का असर महसूस होने लगा। दोपहर में हालत ऐसी रही कि लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए। शहर की प्रमुख सड़कें, बाजार और चौराहे दोपहर के समय लगभग खाली नजर आए। तेज धूप के कारण बाइक सवार और राहगीर चेहरे ढंककर निकलते दिखाई दिए।
मध्यप्रदेश के कई जिलों में तापमान 44 से 46 डिग्री के बीच पहुंच चुका है। ग्वालियर, नौगांव, दतिया, छतरपुर, टीकमगढ़, खजुराहो और शिवपुरी सबसे ज्यादा गर्म जिलों में शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत से आ रही गर्म और शुष्क हवाओं के कारण प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। ग्वालियर-चंबल संभाग में लू का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है।
भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में भी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। हालांकि वहां तापमान 41 से 43 डिग्री के बीच बना हुआ है, लेकिन उमस के कारण लोगों को ज्यादा परेशानी हो रही है। रात का तापमान भी सामान्य से ऊपर बना हुआ है, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल पा रही।
नौतपा के दौरान हर साल गर्मी बढ़ती है, लेकिन इस बार मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि तापमान पिछले कुछ वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ सकता है। मौसम विभाग ने साफ किया है कि आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री तक और बढ़ोतरी हो सकती है। इसके चलते कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
देश के अन्य राज्यों की बात करें तो राजस्थान सबसे ज्यादा गर्म बना हुआ है। जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जैसे इलाकों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच चुका है। दिल्ली में भी दोपहर के समय लू के थपेड़ों ने लोगों की हालत खराब कर दी। उत्तरप्रदेश, हरियाणा और पंजाब में भी गर्म हवाओं का असर बना हुआ है। बिहार और झारखंड में भी तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ने और बारिश की गतिविधियां कम होने के कारण गर्मी लगातार बढ़ रही है। फिलहाल अगले कुछ दिनों तक राहत मिलने की संभावना बहुत कम है। हालांकि जून के पहले सप्ताह में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं।
गर्मी बढ़ने के साथ अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, उल्टी, चक्कर और बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सबसे ज्यादा खतरा बच्चों और बुजुर्गों को है। तेज धूप में लंबे समय तक रहने से हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचें। ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं और शरीर में पानी की कमी न होने दें। बाहर निकलते समय सिर और चेहरे को ढंककर रखें। नींबू पानी, छाछ, ओआरएस और फलों का सेवन करने की सलाह भी दी जा रही है।
ग्वालियर में बिजली की बढ़ती मांग के कारण कई इलाकों में ट्रिपिंग और कटौती की समस्या भी सामने आने लगी है। लगातार एसी और कूलर चलने से बिजली पर लोड बढ़ गया है। वहीं पानी की खपत बढ़ने से शहर के कई हिस्सों में जलसंकट गहराने लगा है।
नौतपा के इस तीखे असर ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि मई के आखिरी दिनों तक गर्मी और ज्यादा बढ़ सकती है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
